अब मैं नहीं रुकता
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| PIC BY GEMINI AI |
कुछ लिखूं तो वो याद आते हैं
कुछ सोचूं तो वो याद आते हैं
क्या करूं, क्या न करूं
दिन हो या रात, बस वो याद आते हैं!
कुछ ऐसे हालात हुए हैं हमारे
अब दिन में ही नजर आने लगे हैं तारे
कशमकश मे बीत रही है ये जवानी
हर मंजर बस वो याद आते हैं!
सोचा कि खुद को ही समाप्त कर लूं
पर क्या इससे हल होंगे सारे मसले ?
अब फिर से मैने जीना सीख लिया है
उनके बिना भी खुद को तैयार कर लिया है
वे भी तो जी रही हैं कहीं सुकून से
फिर हम ही क्यों गम में मरे जा रहे हैं
अब खुद को इतना मजबूत कर लिया है
वो याद आते भी हैं, तो भी अब मैं नहीं रुकता!
–अjay नायक ‘वशिष्ठ’

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