ये मंजिले हैं, मुसाफिरो की
AJAY NAYAK
October 16, 2021
ये मंजिले हैं, मुसाफिरो की ये मंजिले हैं, मुसाफिरो की तू मुसाफिर बनकर, चल चला चल! आज नहीं तो कल...... इन पत्थरीलों से पटे, वीरान भरे रास...
अब मैं नहीं रुकता PIC BY GEMINI AI कुछ लिखूं तो वो याद आते हैं कुछ सोचूं तो वो याद आते हैं क्या करूं, क्या न करूं दिन हो या रात, बस वो...